श्री गोकर्ण फाउंडेशन द्वारा संचालित श्री गोकर्ण शोध कला एवं संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद सभागार में 'खीरी इतिहास बोध' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री संजय श्रीहर्ष मिश्र रहे, विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ल 'रिंकू' एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, लखनऊ के संगठन मंत्री मनीष बाजपेई उपस्थित रहे।
संस्थान के निदेशक विक्रांत सिंह परमार, प्रबंध निदेशक कमलनयन शुक्ल तथा मुख्य समन्वयक सिद्धांत सिंह राठौड़ ने शोधपरक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनपद खीरी, गोला गोकर्णनाथ, आसपास के क्षेत्रों एवं विभिन्न राजवंशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही संस्थान द्वारा संचालित पांडुलिपि संरक्षण, ऐतिहासिक शोध एवं अभिलेखीकरण से जुड़े कार्यों तथा विभिन्न शोधपरक आंकड़ों की जानकारी भी साझा की गई। प्रस्तुतीकरण का निर्माण संस्थान के मीडिया प्रभारी आयुष गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री गोकर्ण फाउंडेशन के प्रबंधक प्रेम गुप्ता, मुख्य सलाहकार डॉ. सौरभ दीक्षित एवं डॉ. आदर्श दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन के सचिव इं. मिलिंद कुमार शुक्ल ने किया। क्षेत्रीय समन्वयक प्रसून राजा, स्थानीय समन्वयक अनिकेत, क्रिएटर्स क्लब सदस्य आर्यन सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम के दौरान श्री गोकर्ण फाउंडेशन के अंग गोला टूरिज्म द्वारा गोला गोकर्णनाथ श्रावण मास मेला हेतु निर्मित आधिकारिक प्रतीक चिन्ह का नगर पालिका परिषद को औपचारिक हस्तांतरण किया गया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं संस्थान की कार्यकारिणी ने नगर पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ल 'रिंकू' को प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
मुख्य अतिथि संजय श्रीहर्ष मिश्र ने संस्थान द्वारा जनपद के इतिहास के संरक्षण एवं शोध के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने उपस्थित जनों को भारतीय इतिहास के अनेक रोचक तथ्यों तथा देशभर में चल रहे नवीन इतिहास लेखन अभियान की जानकारी प्रदान की और स्थानीय इतिहास के वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक संकलन की आवश्यकता पर बल दिया।



